Monday, December 17, 2018

राम मंदिर पर AIMPLB करेगा कोर्ट के फैसले का इंतजार

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड कि आज लखनऊ में अहम बैठक बुलाई. इसके बाद बोर्ड ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी कि बैठक में बाबरी मस्जिद मामले समेत कई मुद्दों पर चर्चा की गई.

बोर्ड के सदस्यों ने बताया कि बाबरी मस्जिद के टाइटल सूट के लिए सुप्रीम कोर्ट में जनवरी में सुनवाई शुरू होनी है. ट्रिपल तलाक ऑर्डिनेंस पर बोर्ड के लोग विपक्षी पार्टियों से मुलाकात करेंगे और राजनेताओं से मिलकर आर्डिनेंस को पास न कराने की बात कही जाएगी.

बोर्ड के सदस्य ने राम मंदिर मामले पर कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतज़ार कर रहे हैं. एक हम हैं जो ये कह रहे है कि इंतजार है और एक वे हैं जो सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार न करके बिल लाने की बात कर रहे हैं.

साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि देशभर में 14  नए दारुल कजा बनाए गए हैं. इनसे महिलाओं को बड़ा फायदा मिला है. साथ ही देश की अदालतों का बोझ भी कम हुआ है.

ऑल इं‍डिया पर्सनल लॉ बोर्ड की सारी कमेटियों ने आज अपनी रिपोर्ट पेश की है. कासिम रसूल, जफरयाब जिलानी, खालिद राशिद, असमा जेहरा इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद थे.

इस बैठक से पहले संभावना जताई जा रही थी कि बोर्ड की बैठक के मुद्दों में अयोध्या सबसे अहम मुद्दा हो सकता है, जिस पर इन दिनों संघ परिवार और दूसरे हिंदूवादी संगठनों की खास नजर है.

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के जनरल सेक्रेटरी वली रहमानी ने कहा था  कि यूं तो कई मुद्दों पर चर्चा होनी है, लेकिन अयोध्या पर चर्चा विशेष तौर पर होगी क्योंकि अगर ऐसा हुआ तो तो यह देश के संविधान और कानून के खिलाफ होगा. बैठक में अयोध्या के साथ ही ट्रिपल तलाक पर भी चर्चा होगी, जिसे सरकार ने अध्यादेश के जरिये कानूनी शक्ल दे दी है.

बता दें कि अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जनवरी महीने में होनी है. सरकार इस सुनवाई का इंतजार कर रही है, लेकिन उसके पहले ही हिंदूवादी संगठनों और खासकर संघ से जुड़े संगठन और साधु-संतों ने अयोध्या पर कानून लाकर मंदिर बनाने की मांग तेज कर दी है. जिसका विरोध ज्यादातर मुस्लिम संगठन कर रहे हैं.

पीएम मोदी ने कहा, "रामचरित मानस में एक चौपाई है, गोस्वामी तुलसीदास जी ने लिखा है कि भगवान राम किसी का व्यक्तित्व समझाते हुए कहते हैं झूठई लेना, झूठई देना, झूठई भोजन, झूठ चबेना. यानि कुछ लोग झूठ ही स्वीकार करते हैं, झूठ ही दूसरो को देते हैं, झूठ का ही भोजन करते हैं और झूठ ही चबाते हैं."

उन्होंने कहा, "लेकिन, सच्चाई को श्रृंगार की जरूरत नहीं होती और झूठ हमेशा हारेगा. देश कांग्रेस को सेना के प्रति उसके रवैये को लेकर कभी माफ नहीं करेगा." प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया, 'कुछ लोगों' को 'भारत माता की जय' बोलने में शर्मिंदगी महसूस होती है. दर्शकों की तालियों के गड़गड़ाहट के बीच उन्होंने कहा, "वे कैसे लोग हैं जो अपने देश की परवाह नहीं करते? मैं जानता हूं कि वे मोदी को अपशब्द कहना चाहते हैं. वे मोदी को भ्रष्टाचार में फंसाना चाहते हैं. लेकिन मैं जानना चाहता हूं कि वे देश के गौरव को दांव पर क्यों लगाना चाहते हैं? राष्ट्र की सुरक्षा को दांव पर क्यों लगाया जा रहा है?"

Wednesday, December 5, 2018

अगर CM योगी की नजर रहती तो बुलंदशहर की घटना नहीं होती

केंद्रीय मंत्री और भाजपा की फायरब्रांड नेता उमा भारती ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में भीड़ द्वारा की गई इंस्पेक्टर की हत्या और एक युवक की मौत पर कहा है कि अगर योगी सरकार सजग होती तो यह घटना नहीं होती.

उमा भारती ने कहा कि ये ऐसा संकेत है जिसपर मुख्यमंत्री योगी को विचार करना ही होगा. इतनी बड़ी तादाद में लोग जुटे थे. रहस्यलोक बना लिया था. योगी जी को ध्यान रखना चाहिए. बहुत दुखद है और चिंताजनक है. अगर इस पर उनकी नज़र होती तो ये घटना नहीं होती.

उन्होंने राम मंदिर पर कहा कि इसके लिए सभी पार्टियों को ये तय करना होगा कि आने वाली पीढ़ियों को सौहार्द में रहने का मौका मिले और वह रास्ता राम मंदिर से ही निकलेगा. उन्होंने कहा कि मेरा डेढ़ साल तक फोकस राम मंदिर और गंगा की अविरलता पर रहेगा.

इसके साथ ही उमा भारती ने कहा कि वह आगामी लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ेंगी. हालांकि, उन्होंने साफ किया है कि वह मरते दम तक राजनीति करेंगी. साथ ही उन्होंने कहा कि आने वाले डेढ़ साल राम और गंगा के लिए काम करेंगी, इसलिए वह 2019 में होने वाले विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने जा रही हैं. उमा भारती ने कहा कि वह 15 जनवरी से गंगा प्रवास करेंगी.

उमा ने साफ किया कि इन डेढ़ साल के दौरान जब भी उनसे चुनाव प्रचार के लिए कहेगी, वह उसके लिए उपलब्ध रहेंगी. मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वह विधानसभा हो या लोकसभा चुनाव पार्टी के निर्देश पर प्रचार में हिस्सा लेंगी.

उन्होने कहा कि इसके बाद ही वह राजनीति में एक्टिव होंगी. उमा भारती ने कहा कि सुषमा जी ने तो अभी बोला मैने डेढ़ साल पहले ही बोल दिया था. दोनों का कालखंड अलग-अलग है. आपको ऐसा क्यों लगता ही कि चुनाव लड़ना ही राजनीति है.

हाल ही में खत्म हुए मध्य प्रदेश के चुनावों में एक बार फिर से ईवीएम पर उठ रहे सवालों पर उमा भारती ने कहा कि एक बार चुनाव आयोग ने सभी दलों को बुलाया था और यह साबित करने को कहा था कि EVM में  टेंपरिंग कैसे होती है, लेकिन लोग गए ही नहीं. EVM को लेकर जो सवाल उठ रहे रहे हैं, चुनाव आयोग को उन्हें दूर करना चाहिए. दुनिया में कई देश ऐसे हैं जो टेक्नोलॉजी में हमसे आगे हैं लेकिन वहां EVM से वोटिंग नहीं होती.

Tuesday, November 6, 2018

संजीव कुमार की इस बात पर गुस्सा हुई थीं नूतन, मारा था थप्पड़

जब भी बॉलीवुड में बेहतरीन अभिनेताओं का जिक्र किया जाता है तो उसमें संजीव कुमार का नाम जरूर लिया जाता है. संजीव कुमार ने अपने करियर में 150 के करीब फिल्मों में काम किया. उन्होंने अपने हुनर से हर किरदार में जान फूंक दी. चाहें वो कोशिश फिल्म में मूकबधिर का किरदार हो या फिर नया दिन नई रात में उनके द्वारा निभाए गए  9 अलग-अलग किरदार.

संजीव कुमार 70 के दशक के ऐसे अभिनेता थे जो एक तरफ सीता और गीता, मनचली जैसी फिल्मों में अभिनेत्रियों के साथ रोमांस कर रहे थे. वहीं दूसरी तरफ आंधी और मौसम जैसी फिल्मों में अपने से बड़ी उम्र के शख्स का रोल अदा कर रहे थे. इसके अलावा परिचय, आप की कसम, अलाप और विधाता जैसी फिल्मों में सहायक भूमिकाओं से अपने अभिनय की छाप छोड़ी. उनकी प्रोफेशनल लाइफ जितनी कामयाब रही उतना ही नाकामियाब है उनका निजी जीवन. हेमा मालिनी को उन्होंने सिद्दत से प्यार किया मगर बदले में उन्हें तन्हाई ही नसीब हुई. उनकी डेथ एनिवर्सरी पर बता रहे हैं उनके जीवन के कुछ किस्से.

इस हिरोइन से संजीव कुमार को था प्यार, दिल टूटने के बाद नहीं की शादी

संजीव कुमार का जन्म 9 जुलाई, 1938 को गुजरात के सूरत में हुआ था. फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें प्यार से हरि भाई कह कर बुलाया जाता था. फिल्म निर्देशक और गीतकार गुलजार के साथ संजीव कुमार की बढ़िया बॉन्डिंग रही. गुलजार ने अपनी कई फिल्मों में संजीव कुमार को लीड एक्टर के तौर पर मौका दिया. इनमें आंधी, मौसम, कोशिश और नमकीन जैसी फिल्में शामिल हैं. ये सभी फिल्में बॉक्सऑफिस पर हिट साबित हुईं.

लाखों फैंस और एक सफल करियर के बाद भी संजीव कुमार की लाइफ में एक खालीपन हमेशा रहा. उनकी पर्सनल लाइफ काफी दुखद रही. एक्ट्रेस हेमा मालिनी के प्यार में पड़े संजीव ने कभी शादी नहीं की. हेमा मालिनी ने उनके प्यार को ठुकरा कर एक्टर धमेंद्र से शादी कर ली और उनके एकतरफा प्यार में संजीव ने सारी जिंदगी अकेले ही गुजार दी.

16 साल में इस सुपरस्टार के साथ हेमा मालिनी ने शुरू किया था करियर

नूतन और एक्टर संजीव कुमार से जुड़ा हुआ एक किस्सा भी काफी मशहूर है. 1969 में फिल्म देवी की शूटिंग के दौरान एक्टर संजीव कुमार को थप्पड़ मारा था. शादीशुदा और एक बेटे की मां बन चुकीं नूतन को सेट पर पड़ी एक मैगजीन से अपने और संजीव कुमार के अफेयर की बात पता चली तो वो गुस्सा हुईं. लेकिन जब उन्हें ये पता चला कि ये बात संजीव कुमार ने खुद फैलाई है तो नूतन ने भरे सेट में संजीव को एक जोरदार तमांचा जड़ दिया था. इस बात का जिक्र उन्होंने 1972 में एक मैगजीन को दिए गए इंटरव्यू में किया था.

संजीव कुमार की अदायकी के साथ उनके अंदाज की भी अलग दीवानगी थी. 70 के दशक में वे किसी सुपरस्टार से कम नहीं थे. एक्ट्रेस सुलक्षणा पंडित, संजीव कुमार से बहुत प्यार करती थीं. कहा जाता है कि संजीव कुमार को उन्होंने शादी के लिए प्रपोज भी किया था. मगर कभी भी उनका मिलन नहीं हो पाया. संजीव कुमार हेमा मालिनी से शादी ना हो पाने से काफी टूट गए थे और उन्होंने ताउम्र शादी ना करने का फैसला लिया.  संजीव कुमार से शादी ना हो पाने के कारण सुलक्षणा ने भी कभी शादी नहीं की.

संजीव कुमार दिल की बीमारी के मरीज थे. 6 नवंबर, 1985 को 47 साल की उम्र में संजीव कुमार इस दुनिया को अलविदा कह गए. बॉलीवुड में उन्होंने कई मुकाम कायम किए और कई बेहतरीन फिल्मों का हिस्सा भी रहे

Monday, November 5, 2018

सिग्नेचर ब्रिज उद्घाटन समारोह में दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी का हंगामा

उत्तर-पूर्वी दिल्ली और उत्तरी दिल्ली को जोड़ने वाला सिग्नेचर ब्रिज उद्घाटन होने से पहले ही चर्चा में आ गया था.

दरअसल, 1500 करोड़ से अधिक की लागत में यमुना नदी पर बनकर तैयार हुए सिग्नेचर ब्रिज का रविवार शाम को उद्घाटन हुआ. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस पुल का उद्घाटन किया.

वैसे इसके उद्घाटन से पहले काफ़ी हंगामा हुआ. उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सांसद और दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष मनोज तिवारी अपने समर्थकों के साथ उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए पहुंचे. इस दौरान आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं और दिल्ली पुलिस से उनकी झड़प हुई है.

इस झड़प की तस्वीर में मनोज तिवारी पुलिसकर्मियों पर मुक्का चलाते हुए देखे जा रहे हैं. हालांकि इस पूरे विवाद पर उन्होंने मीडिया से कहा है कि उन्हें इस कार्यक्रम के लिए आमंत्रित नहीं किया गया जबकि वह स्थानीय सांसद हैं और आम आदमी पार्टी सरकार इस ब्रिज का क्रेडिट लेना चाहती है.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि शनिवार को ही इस कार्यक्रम के लिए दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने उन्हें सार्वजनिक तौर पर आमंत्रित किया था.

अरविंद केजरीवाल ने इस ब्रिज को इंजीनियरिंग का नायाब नमूना बताया है लेकिन इससे पहले उनकी पार्टी से एक चूक भी हुई.

इसके बाद उद्घाटन का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा जिसमें आम आदमी पार्टी विधायक अमानतुल्लाह ख़ान मनोज तिवारी को मंच पर से नीचे धक्का दे रहे हैं. इसके बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं ने अमानतुल्लाह के ख़िलाफ़ नारे लगाए.

आम आदमी पार्टी ने शनिवार को अपने ट्विटर हैंडल से कई ऐसे ट्वीट किए जिनमें सिग्नेचर ब्रिज के अलावा रॉटेरडम के एक ब्रिज की तस्वीर थी.

जस ओबेरॉय नामक ट्विटर हैंडल ने ट्वीट करते हुए लिखा कि इसमें जो एक तस्वीर है वह रॉटेरटम (नीदरलैंड्स) के एरेस्मस पुल की है.

इसके अलावा दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा ने ट्वीट किया. उन्होंने इसके ज़रिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा.

एक अन्य यूज़र दर्शन पाठक ने ट्वीट किया. उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने दिल्ली को लंदन न सही नीदरलैंड्स ज़रूर बना दिया है.

तस्वीर की आलोचना होने के बाद आम आदमी पार्टी के इस ट्वीट से पहली तस्वीर को हटा दिया गया. हालांकि, बाकी दो तस्वीरों को रहने दिया गया जो सिग्नेचर ब्रिज की है.

दिल्ली में कांग्रेस पार्टी की सरकार के समय 2004 में सिग्नेचर ब्रिज बनाने की योजना बनी थी. यह वह दौर था जब दिल्ली में मेट्रो शुरू हुए दो साल हो चुके थे. साथ ही शीला दीक्षित सरकार अपने फ़्लाईओवर बनाने के कामों में तेज़ी ला रही थी.

इसी दौरान वज़ीराबाद बैराज के पास ही सिग्नेचर ब्रिज की योजना बनी. अब तक उत्तरी दिल्ली से उत्तर-पूर्वी दिल्ली को जोड़ने के लिए केवल सिंगल ब्रिज था.

इस पुल के तैयार होने की अंतिम तारीख़ बढ़ती रही और फिर साल 2010 में कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले इसको बनकर तैयार होना था लेकिन तकरीबन आठ साल बाद यह जनता के लिए खोला जा रहा है.

यह देश का पहला असिमेट्रिकल ब्रिज है जो तारों पर टिका हुआ है. इसकी कुल ऊंचाई 575 मीटर है और 154 मीटर की ऊंचाई पर एक ग्लास व्यूइंग बॉक्स है जहां से दर्शक दिल्ली का नज़ारा ले सकते हैं.

इस बॉक्स तक जाने के लिए चार एलिवेटर हैं जहां तकरीबन 50 लोग आ सकते हैं और इस पर चढ़कर दिल्ली देखने का नज़ारा एक प्रकार से दो क़ुतुब मीनार चढ़कर देखने जैसा होगा. क़ुतुब मीनार की कुल ऊंचाई 73 मीटर है.

इस पुल के पास सेल्फ़ी पॉइंट भी बनाए गए हैं जहां से लोग पुल के साथ अपनी सेल्फ़ी ले सकते हैं. 8 लेन के इस पुल की कुल लंबाई 1.5 किलोमीटर से अधिक है.

ग़ौरतलब है कि हाल ही में गुजरात में सरदार सरोवर बांध पर देश के पहले गृह मंत्री सरदार पटेल की प्रतिमा का अनावरण हुआ है. इसकी कुल लंबाई 182 मीटर है और 153 मीटर पर एक व्यूइंग गैलरी है जहां से दर्शक सरदार सरोवर बांध और आस-पास की पहाड़ियों का नज़ारा ले सकते हैं.